अंतरराष्ट्रीय सहयोग / समझौता ज्ञापन (MoUs)
केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद
परिषद अधिक अंतरराष्ट्रीय सहभागिता, समझौता ज्ञापनों (MoUs) के आदान-प्रदान तथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के आयोजन के माध्यम से साक्ष्य-आधारित होम्योपैथी के वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने हेतु प्रतिबद्ध है।
विदेशी संस्थानों के साथ परिषद द्वारा हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों (MoUs) की स्थिति
5 अक्टूबर 2018 तक
| क्र. सं. | विदेशी विश्वविद्यालय/संस्थान का नाम, जिसके साथ MoU का आदान-प्रदान किया गया | परियोजना का संक्षिप्त शीर्षक/विषय | MoU हस्ताक्षर की तिथि | |
| 1. | क्यूबा | देश-से-देश MoU |
जैव-प्रौद्योगिकी, पारंपरिक चिकित्सा एवं होम्योपैथी के क्षेत्रों में भारत और क्यूबा के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। भारत के माननीय राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद और क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल मारियो डियाज़-कानेल ने हवाना, क्यूबा में MoU का आदान-प्रदान किया। |
22 जून 2018 |
| 2. | ऑस्ट्रेलिया | नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन (NIIM) |
होम्योपैथी के क्षेत्र में अनुसंधान हेतु सहयोग के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए। |
10 मई 2018 |
| 3. | इज़राइल |
सेंटर फॉर इंटीग्रेटिव कम्प्लीमेंटरी मेडिसिन, शारे ज़ेडेक मेडिकल सेंटर, यरुशलम |
क) पारस्परिक हित के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं में सहभागिता: अंतरराष्ट्रीय परियोजनाएं, मेटा-विश्लेषण, यादृच्छिक, प्रैग्मेटिक बहुकेंद्रीय एवं मूलभूत अनुसंधान अध्ययन; ख) अनुसंधान सामग्री, प्रकाशन, शैक्षणिक साहित्य, शिक्षण सहायक सामग्री, सूचना, दस्तावेज एवं वैज्ञानिक प्रकाशनों का आदान-प्रदान; ग) सम्मेलनों, सेमिनारों, शैक्षणिक कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों का संयुक्त आयोजन; घ) चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, शिक्षण पेशेवरों एवं विद्यार्थियों के प्रशिक्षण हेतु विशेषज्ञों का आदान-प्रदान; ङ) अनुसंधान, शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए इच्छुक वैज्ञानिकों, चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों के साथ सहयोग। |
15 जनवरी 2018 |
| 4. | ब्राज़ील | फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ रियो
डी जनेरियो (FURJ) |
ब्राज़ील और भारत के विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान केंद्रों के बीच साझेदारी में विकसित किए जाने वाले मूलभूत अनुसंधान परियोजनाएं; ब्राज़ील और भारत के विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं का आदान-प्रदान; ब्राज़ीलियाई एवं भारतीय होम्योपैथिक फार्माकोपिया के बीच तकनीकी एवं वैज्ञानिक ज्ञान का आदान-प्रदान; बायोथेरेपिक्स (नोजोड्स) एवं होम्योपैथिक औषधियों पर नैदानिक अनुसंधान; दोनों देशों के लिए प्राथमिकता वाले विषयों जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, ज़ीका, मलेरिया, HIV एवं हेपेटाइटिस पर विशिष्ट परियोजनाओं का विकास। |
14 जुलाई 2017 |
| 5. |
जर्मनी |
साइंटिफिक सोसाइटी फॉर होम्योपैथी (WissHom) |
संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं में सहयोग को प्रोत्साहित एवं बढ़ावा देना, सूचना, दस्तावेज एवं वैज्ञानिक प्रकाशनों का आदान-प्रदान, सम्मेलनों, सेमिनारों, कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों का संयुक्त आयोजन तथा चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, शिक्षण पेशेवरों एवं विद्यार्थियों के प्रशिक्षण हेतु विशेषज्ञों का आदान-प्रदान। |
15 जून 2017 |
| इंस्टीट्यूट फॉर द हिस्ट्री ऑफ मेडिसिन, रॉबर्ट बॉश फाउंडेशन |
जर्मनी के स्टटगार्ट स्थित इंस्टीट्यूट फॉर द हिस्ट्री ऑफ मेडिसिन की तर्ज पर भारत में आयुष प्रणाली पर संग्रहालय एवं भारत में होम्योपैथी से संबंधित अभिलेखागार का विकास; सूचना, दस्तावेज एवं वैज्ञानिक प्रकाशनों का आदान-प्रदान; संयुक्त रूप से सम्मेलनों, सेमिनारों आदि का आयोजन तथा CCRH के शोध वैज्ञानिकों के लिए फेलोशिप कार्यक्रम। |
15 जून 2017 | ||
| 6. | संयुक्त राज्य अमेरिका | होम्योपैथिक फार्माकोपिया ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स (HPUS) |
CCRH, HPUS तथा PCIM&H के बीच त्रिपक्षीय MoU। औषधि परीक्षण, औषधि सत्यापन, मानकीकरण एवं होम्योपैथिक औषधियों के विनियमन से संबंधित फार्माकोपिया का संशोधन एवं सामंजस्य स्थापित करना तथा औषधि मोनोग्राफ का आदान-प्रदान। |
23 फरवरी 2017 |
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सेंटर फॉर रिसर्च इन इंडियन सिस्टम्स ऑफ मेडिसिन्स (CRISM), यूनिवर्सिटी ऑफ मिसिसिपी, USA नेशनल सेंटर फॉर नेचुरल प्रोडक्ट्स रिसर्च |
यह MoU CCRUM, CCRAS, CCRS, CCRH एवं CCRYN की ओर से आयुष मंत्रालय द्वारा हस्ताक्षरित किया गया है। इसका उद्देश्य अमेरिका एवं अन्य देशों में आयुष प्रणालियों के संबंध में जागरूकता एवं सूचना के प्रसार को सुगम बनाना, सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से आयुष प्रणालियों का वैज्ञानिक सत्यापन करना तथा US FDA, HHS, NIH एवं NCCIH जैसे संस्थानों के साथ समन्वय के लिए मंच उपलब्ध कराना है। इसका उद्देश्य शोधकर्ताओं के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, उत्पाद, चिकित्सा पद्धति एवं चिकित्सकों के लिए बाजार तक पहुंच प्राप्त करने में भारतीय पक्ष की सहायता करना तथा भारतीय पक्ष को प्रासंगिक वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना है। |
12 अक्टूबर 2015 | ||
| 7. | अर्जेंटीना | यूनिवर्सिडाड मैमोनिडेस | संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं में सहयोग को प्रोत्साहित एवं बढ़ावा देना, दस्तावेज एवं वैज्ञानिक प्रकाशनों का आदान-प्रदान, सम्मेलनों एवं कार्यशालाओं आदि का आयोजन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए विशेषज्ञों का आदान-प्रदान तथा शिक्षा संबंधी गतिविधियों, पाठ्यक्रमों, सेमिनारों आदि में सहयोग। | 26 अगस्त 2016 |
| 8. | आर्मेनिया |
येरेवन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी, आर्मेनिया सरकार |
संस्थान में होम्योपैथी में एक “अकादमिक चेयर” की स्थापना, ताकि शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियां संचालित की जा सकें; शैक्षणिक मानक तैयार किए जा सकें; पाठ्यक्रम विकास में सुधार किया जा सके; संस्थान को शैक्षणिक नेतृत्व प्रदान किया जा सके; सहयोगात्मक अनुसंधान की संभावनाओं का पता लगाया जा सके; कार्यशालाओं एवं सेमिनारों का आयोजन किया जा सके तथा आर्मेनिया में होम्योपैथी के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके। | 09 अप्रैल 2016 |
| 9. | कनाडा | कॉलेज ऑफ होम्योपैथ्स ऑफ ओंटारियो (CHO) | होम्योपैथिक चिकित्सा में अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग। | 09 अप्रैल 2016 |
| 10. | यूनाइटेड किंगडम | रॉयल लंदन हॉस्पिटल फॉर इंटीग्रेटेड मेडिसिन |
होम्योपैथिक चिकित्सा में अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ एवं विकसित करना।
सामान्यतः उपयोग की जाने वाली होम्योपैथिक औषधियों के प्रिस्क्राइबिंग संकेतों के सत्यापन हेतु संभावित अवलोकनात्मक अध्ययन। |
| 11. | मेक्सिको |
इंस्टीट्यूटो पोलिटेक्निको नासियोनाल के माध्यम से एस्कुएला नासियोनाल डी मेडिसिना वाई होम्योपैथिया |
IPN के नेशनल स्कूल ऑफ मेडिसिन एंड होम्योपैथी में होम्योपैथी के लिए एक अकादमिक चेयर की स्थापना, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, अध्ययन, सेमिनार, सम्मेलन एवं पाठ्यक्रमों का आयोजन तथा सूचना, दस्तावेज एवं वैज्ञानिक प्रकाशनों का आदान-प्रदान। | 17 अक्टूबर 2012 |
| 12. | अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन |
विश्व होम्योपैथी दिवस, विश्व एकीकृत चिकित्सा मंच आदि। |
परिषद अपने अनुसंधान परिणामों की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने तथा विश्वभर के प्रमुख होम्योपैथी विशेषज्ञों के साथ नेटवर्क विकसित करने के लिए समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन करने का लक्ष्य रखती है। वर्ष 2016 में विश्व होम्योपैथी दिवस सम्मेलन का आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया गया, जिसमें लगभग 1500 प्रतिनिधियों में से करीब 200 विदेशी प्रतिनिधि थे। इसी प्रकार, 23–24 फरवरी 2017 को परिषद द्वारा आयोजित होम्योपैथिक औषधीय उत्पादों के विनियमन पर प्रथम विश्व एकीकृत चिकित्सा मंच (WIMF) – “राष्ट्रीय एवं वैश्विक रणनीतियां” में 150 प्रतिनिधियों में से 50 विदेशी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। WIMF एक अत्यंत सफल आयोजन रहा, जिसमें होम्योपैथिक औषधि क्षेत्र के औषधि नियामकों एवं उद्योगपतियों को एक-दूसरे तथा WHO के प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिला। इसमें फार्माकोपिया के सामंजस्य तथा विभिन्न देशों में होम्योपैथिक औषधियों के निर्यात, आयात एवं निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। औषधियों के विनियमन एवं गुणवत्ता आश्वासन पर भी पर्याप्त चर्चा की गई। |
| 13. | विशेषज्ञों/विदेशी संसाधन व्यक्तियों/प्रतिनिधिमंडलों का आदान-प्रदान | वर्ष 2017-18 में CCRH ने अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान के लिए तथा कार्यशालाओं में संसाधन व्यक्तियों के रूप में कई अतिथियों एवं प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी की। |
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