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क्रम सं.
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औषधि का नाम
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प्रकाशित शोध-पत्र
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परिषद् द्वारा प्रमाणित 08 होम्योपैथिक औषधियों के रोगजनन का बहुकेन्द्रीय नैदानिक सत्यापन (2018–2023)
इस बहुकेन्द्रीय नैदानिक अध्ययन के अंतर्गत निम्नलिखित 08 होम्योपैथिक औषधियों का क्लिनिकल सत्यापन किया गया—
- ऐकोरस कैलमस (47)
- एपियम ग्रेवोलेंस (41)
- ब्रैसिका ओलेरेसिया(40)
- कोक्लेरिया आर्मोरेसिया (37)
- धतूरा आर्बोरिया (40)
- धतूरा मेटेल(43)
- ल्यूकस ऐस्पेरा(46)
- विथानिया सोम्निफेरा(35 )
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Exploring the Homeopathic Therapeutic Potential of Acorus calamus: A Multi-center Open-Label Clinical Verification Studys:Homoeopathy; DOI https://doi.org/ 10.1055/a-2625-0202: ISSN 1475-4916; September 8, 2025,pg.78-88
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स्कूल जाने वाली किशोरीयों के मासिक धर्म स्वास्थ्य के लिए होम्योपैथी: एक जनस्वास्थ्य अनुसंधान (प्रथम चरण )
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जनस्वास्थ्य अनुसंधान परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत कुल 400 किशोर बालिकाओं का स्क्रीनिंग कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया।
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23 औषधियों का नैदानिक सत्यापन
(औषधिवार नामांकित मामलों की संख्या सहित)
- एगेव अमेरिकाना– 10 मामले
- एण्ड्रोग्राफिस– 43 मामले
- आर्जेमोन मेक्सिकाना– 44 मामले
- बैकोपा मोनिएरी– 6 मामले
- चेलोन ग्लाब्रा– 14 मामले
- क्लेरोडेन्ड्रोन – 12 मामले
- कोलियस एरोमैटिकस – 10 मामले
- कॉर्नस सर्सिनाटा – 11 मामले
- क्यूप्रम ऑक्सीडेटम नाइग्रम– 6 मामले
- फाइकस रिलिजियोसा – 16 मामले
- फॉर्मिक एसिड– 6 मामले
- हाइड्रोकोटाइल एशियाटिका– 13 मामले
- जुग्लान्स रेजिया – 3 मामले
- लियाट्रिस स्पिकाटा– 16 मामले
- मिमोसा ह्यूमिलिस– 73 मामले
- ओसिमम सैंक्टम (तुलसी)– 25 मामले
- पैराफिन (Paraffin) – 39 मामले
- पोथोस फोएटिडस– 7 मामले
- सेनेगा– 55 मामले
- स्कूकम चक– 23 मामले
- थाइमोल– 8 मामले
- थायरॉयडिनम– 4 मामले
- टिनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया (गुडूची/गिलोय)– 56 मामले
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Related publication of 23 drugs in between year of 2017 to 2022
- Formic acid: A Multicentric observational homoeopathic Clinical verification trial, IJRH, October – December 2016,Volume10,Issue 4, Page Nos, 249-257, by CCRH.
- Prevalence and prognostic factor in patients with good therapeutic response in a cohort of 172 patients with the homoeopathic medicine
Araneadiadema: A Multicentric open – label observational study.
IJRH, vol. 12, Issue1, Jan-Mar2018, p20-25
- Study of homoeopathic medicines through clinical verification. A new perspective, Vol. IV, 2018
- Monograph on Homoeopathic drug Bellisperennis, 2018
- Exploring the predictive value of specific symptoms as prognostic factor, Assesment of group confined likelihood ratio for symptom ‘headache’ in 20 lesser known drugs; IJRH Vol. 13, Issue1, p 4-8, Jan-Mar 2019
Retrospective estimation of prevalence and likelihood ratio of general symptoms of 29 less frequently prescribed homoeopathic Medicines by clinical verification. IJRH- Apr-Jun 2019,Vol-13, Issue-2, P 72-80
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16 औषधियों का नैदानिक सत्यापन
(औषधिवार नामांकित मामलों की संख्या सहित)
- एलियम सैटिवम– 11 मामले
- अमूरा रोहितुका– 36 मामले
- ऐस्क्लेपियास कुरासाविका– 30 मामले
- एवेना सैटिवा– 9 मामले
- अज़ाथायोप्रिन– 26 मामले
- बक्सस सेम्परवाइरेन्स– 38 मामले
- सीज़ाल्पिनिया बॉन्ड्यूसेला – 6 मामले
- कार्डियोस्पर्मम हैलिकाकाबम – 2 मामले
- साइक्लोस्पोरिन– 11 मामले
- साइनारा स्कोलिमस– 37 मामले
- फोएनिकुलम वल्गेयर – 43 मामले
- जिमनेमा सिल्वेस्ट्रे– 13 मामले
- हाइग्रोफिला स्पिनोसा– 53 मामले
- मैग्नोलिया ग्रैण्डीफ्लोरा– 45 मामले
- पर्सिया अमेरिकाना– 10 मामले
- सोरालिया कोरिलिफोलिया – 12 मामले
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Study of homoeopathic medicines through clinical verification. A new perspective, Vol. V, 2021.
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बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में होम्योपैथिक उपचार का मूल्यांकन : रोगी-प्रतिवेदित परिणामों पर आधारित अध्ययन
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यह अध्ययन दिसम्बर 2017 में प्रारम्भ हुआ तथा अक्टूबर 2019 में सम्पन्न हुआ। अध्ययन की समापन रिपोर्ट एक्सेल शीट सहित विश्लेषण हेतु मुख्यालय को प्रेषित कर दी गई।
- जाँच (स्क्रीन) किए गए मामलों की संख्या : 173
- नामांकित (एनरोल) मामलों की संख्या : 173
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अनुसूचित जाति उपयोजना (SCSP) कार्यक्रम
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आयोजित शिविरों की कुल संख्या – 337
उपचारित रोगियों की कुल संख्या – 13,944
लाभार्थियों की कुल संख्या – 13,944
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विथौलकास कम्पास (VC) की सहायता से भारतीय होम्योपैथिक चिकित्सकों/शोधकर्ताओं (CCRH) द्वारा तीव्र रोगों के होम्योपैथिक उपचार में सर्वाधिक प्रयुक्त रुब्रिक एवं औषधियों का मूल्यांकन
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अध्ययन 19.05.2018 को प्रारम्भ हुआ तथा 31 दिसम्बर 2020 को सम्पन्न हुआ। समापन प्रतिवेदन मुख्यालय को प्रेषित किया जा चुका है। वी.सी. (VC) पर आधारित शोध-पांडुलिपि वर्तमान में एक वैज्ञानिक पत्रिका में समीक्षाधीन है।
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VC में दर्ज कुल प्रकरण – 615
न्यूनतम चार अनुवर्ती (Follow-up) के उपरान्त सफलतापूर्वक उपचारित प्रकरण – 83
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अनुसूचित जाति उपयोजना (SCSP) के अंतर्गत कोविड-19 के दौरान होम्योपैथिक रोगनिरोधी औषधि ‘आर्सेनिकम एल्बम 30’ का वितरण
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यह कार्यक्रम जून 2020 से सितम्बर 2020 तक अनुसूचित जाति उपयोजना (SCSP) के अंतर्गत संचालित किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत समीपवर्ती दो ग्रामों जगमल बीघा एवं रोहन टोला के 4,420 लाभार्थियों को कोविड-19 के विरुद्ध होम्योपैथिक रोगनिरोधी औषधि आर्सेनिकम एल्बम 30 वितरित की गई। संबंधित समस्त आँकड़े विश्लेषण हेतु मुख्यालय को प्रेषित किए जा चुके हैं।
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होम्योपैथिक हस्तक्षेप द्वारा समायोजन विकारों (Adjustment Disorders) का प्रबंधन : एक भावी, एकल-भुजा, मुक्त-लेबल, अन्वेषणात्मक हस्तक्षेपात्मक अध्ययन
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अध्ययन जनवरी 2019 में प्रारम्भ हुआ। प्रोटोकॉल में संशोधन के उपरान्त अगस्त 2019 से रोगियों का नामांकन प्रारम्भ किया गया। प्रकरणों का नामांकन 31.03.2022 को पूर्ण हुआ। कुल स्क्रीन किए गए प्रकरण – 90
नामांकित प्रकरण – 38
पुरुष – 15
महिला – 22
ड्रॉपआउट – 01
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गृह पृथक्करण (Home Isolation) में रह रहे लक्षणरहित एवं हल्के से मध्यम कोविड-19 रोगियों में चयनित आयुष हस्तक्षेप (AYUSH-64 एवं कबासुरा कुदिनीर) की प्रभावकारिता का प्रलेखन
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अध्ययन प्रारम्भ होने की तिथि – जून 2021
लक्ष्य – 150
नामांकित प्रकरण – 166
आधारभूत (Baseline) आँकड़े
प्रथम दिवस – 166
सातवाँ दिवस – 166
चौदहवाँ दिवस – 165
इक्कीसवाँ दिवस – 156
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11
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स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के दौरान कोविड-19 हेतु जनसामान्य में होम्योपैथिक रोगनिरोधी औषधि ‘आर्सेनिकम एल्बम 30’ का वितरण
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30.08.2021 से 02.09.2021 तक कुल लाभार्थी – 10,068
पुरुष – 4,043
महिला – 6,025
01.09.2021 से 15.08.2022 तक कुल लाभार्थी – 78,058
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कोविड-19 के विरुद्ध रोगनिरोधी एवं प्रतिरक्षा वर्धक के रूप में आर्सेनिकम एल्बम 30 के समवर्ती औषधि उपयोग एवं औषधि अनुपालन (Medication Adherence) का वर्णनात्मक अनुप्रस्थ (Cross-sectional) अध्ययन
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अध्ययन अवधि – 29 सितम्बर 2022 से 17 नवम्बर 2022
लक्ष्य – 606
नामांकित प्रकरण – 606
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